मीडिया, सोशल मीडिया और पत्रकारिता का अध्यात्मिकता: एक अंतर्निहित परिपेक्ष्य

सारांश

 

सारांश

आधुनिक डिजिटल युग में मीडिया, सोशल मीडिया और पत्रकारिता न केवल सूचना के प्रसार के साधन हैं, बल्कि मनुष्य जीवन के विभिन्न पहलुओं, विशेष रूप से आध्यत्मिकता को भी प्रभावित करते हैं। व्यक्तिगत यात्रा माने जाने वाली आध्यत्मिकता ने अब मीडिया और पत्रकारिता के माध्यम से सार्वजनिक मंच पाया है। सोशल मीडिया प्लेटफाँर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब आध्यात्मिक विचारधाराओं को साझा करने और चर्चा करने के लिए सक्रिय स्थान बनाए गए हैं। यह शोध मीडिया और आध्यात्मिकता के इस चौराहे का विश्लेषण करता है, उनके आपसी प्रभावों और सार्वजनिक चेतना के आकार देने में उनकी भूमिका पर प्रकाश डालता है। यह शोध पत्र अवसरों और चुनौतियों पर जोर देता है, साथ ही आध्यात्मिक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए मीडिया के नैतिक उपयोग की आवश्यकता पर बल देता है।   

मुख्य शब्द- मीडिया, सोशल मीडिया, पत्रकारिता, आध्यात्मिकता, सार्वजनिक जागरूकता, डिजिटल प्लेटफाँर्म, नैतिक रिपोर्टिंग।

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